नोएडा/एनसीआर EMCT: उत्तर भारत में जारी शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने मजदूरों की जिंदगी को और मुश्किल बना दिया है। ऐसे में सामाजिक संगठन ईएमसीटी EMCT ने एक बार फिर अपनी मानवीय पहल के तहत वार्षिक कंबल वितरण अभियान शुरू कर दिया है। संगठन की टीम विभिन्न मजदूर बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों को गर्म कंबल बांट रही है, ताकि वे इस जानलेवा ठंड से कुछ राहत पा सकें।
पहले चरण में 65 परिवारों को मिली मदद
अभियान के शुरुआती दौर में ही ईएमसीटी ने करीब 95 परिवारों तक कंबल पहुंचाए। ये परिवार मुख्य रूप से वे हैं जो खुले आसमान के नीचे या अस्थायी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। संगठन का उद्देश्य सिर्फ कंबल वितरण नहीं, बल्कि उन मजदूरों को सुरक्षा और सम्मान का अहसास कराना है जो राष्ट्र निर्माण में अपनी मेहनत से अहम योगदान देते हैं।पारदर्शिता के लिए सख्त पहचान पत्र सत्यापन
वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ईएमसीटी ने हर लाभार्थी का वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) सत्यापित किया। इस कदम से सुनिश्चित हुआ कि सहायता सही और वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच रही है, साथ ही किसी तरह का दोहराव या गड़बड़ी नहीं हो रही।







पांच साल से लगातार सेवा का संकल्प
ईएमसीटी पिछले पांच वर्षों से हर सर्दी में यह अभियान चला रही है। यह कोई एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरी शीतकाल में चलने वाला सतत प्रयास है। संगठन की योजना है कि इस साल भी नोएडा-एनसीआर के विभिन्न श्रमिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर मदद पहुंचाई जाए।
मजदूर समाज की रीढ़ हैं – रश्मि पांडेय
ईएमसीटी की संस्थापक रश्मि पांडेय ने कहा, “मजदूर वर्ग हमारे समाज की रीढ़ है। उनकी कठिन मेहनत से ही हमारे शहरों की इमारतें खड़ी होती हैं। संसाधनों की कमी में किसी मजदूर को ठंड से कष्ट नहीं सहना चाहिए। इसी सोच के साथ हम यह अभियान चला रहे हैं।
स्वयंसेवकों और दानदाताओं का आभार
इस नेक कार्य में ईएमसीटी के स्वयंसेवकों और दानदाताओं की भूमिका सराहनीय रही। हाल के विशेष ड्राइव में अनूप सोनी, गरिमा श्रीवास्तव, अमित गिरी और रश्मि पांडेय ने खुद मजदूरों को कंबल भेंट किए। ईएमसीटी सिर्फ कंबल वितरण तक सीमित नहीं है। संगठन मजदूरों के बच्चों की शिक्षा, उनके कल्याण और अन्य सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है। टीम का संकल्प है कि समाज सेवा की यह यात्रा आगे भी इसी उत्साह से जारी रहेगी और मजदूर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती रहेगी।
ऐसी पहलें न केवल ठंड से राहत देती हैं, बल्कि समाज में संवेदना, एकजुटता और मानवता का संदेश भी फैलाती हैं।




